Tuesday 10-02-2026

सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले पर मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग सहित संयुक्त संचालक के आदेश बेअसर

Posted By Vinod Kewat
  • Updated Monday Sep 01 2025
  • / 1906 Read

सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले पर मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग सहित संयुक्त संचालक के आदेश बेअसर

नर्मदापुरम। नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम कार्यालय में सूृचना के अधिकार अधिनियम के नियमों को पालन नहीं हो रहा है जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग के द्वारा पारित आदेश के बाद भी आवेदक को जानकारी नहीं दी जा रही है। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग द्वारा लोक सूचना अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी नर्मदापुरम श्रीमती हेमेश्वरी पटले को दिनांक 12/06/2025 एवं दिनांक 07/07/2025 को पुन: आदेश दिया था कि आवेदक को 07 दिवस में जानकारी पंजीकृत डाक से नि:शुल्क प्रदान की जाएं। लेकिन लगभग दो महीने में भी जानकारी नहीं देकर आयोग के आदेश की अवहेलना की जा रही है, जिसका मूल उद्देश्य जानकारी छुपाना जाहिर करता है। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग में लंबित प्रकरणों की संख्या बहुत ज्यादा होने से आवेदकों के आवेदन पर वर्षों में सुनवाई होती है जिसमें आदेश के बाद भी जानकारी नहीं देना कहीं ना कही आयोग के आदेशों को नजरअंदाज करने से आवेदकों को काफी परेशानी होती है। वहीं सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले ने बिना किसी वरिष्ठ आदेशों के ऑफलाईन आरटीआई आवेदन लेना भी बंद कर दिया है जिससे प्रतीत होता है कि श्रीमती पटले को ना तो शासन और ना ही वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश और आदेशों की आवश्यकता है। ऑफलाईन आरटीआई आवेदन बंद होने से कई आवेदक परेशान हो रहे है वहीं लोक सूचना अधिकारी के नाम से भेजी गई डाक को बिना निरीक्षण के ही वापिस लौटाया जा रहा है। जबकि मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग कार्यालय सहित संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल में भी ऑफलाईन आरटीआई आवेदन लिए जा रहे है। शायद नगरीय प्रशासन की एकमात्र नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम होगी जहां सिर्फ ऑफलाईन आरटीआई आवेदन को पूर्णत: बंद किया गया है।

यह है मामला

आवेदक द्वारा दिनांक 13/12/2023 को नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में आरटीआई आवेदन लगाकर जानकारी चाही थी, जिसमें आवेदक ने नपा नर्मदापुरम कार्यालय द्वारा अपर आयुक्त को प्रेषित पत्र क्रमांक 3235 दिनांक 28/12/2021 की प्रमाणित प्रति मांगी थी। जिस पर लोक सूचना अधिकारी द्वारा झूठा जबाव देकर कि नगर पालिका द्वारा इस प्रकार का पत्र जारी नहीं हुआ है, जबकि नगर पालिका के पत्राचार हेतु जावक पंजी में उक्त पत्र दर्ज है। जिसके बाद आवेदक ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास नर्मदापुरम संभाग के समक्ष जावक पंजी की छायाप्रति के साथ प्रथम अपील प्रस्तुत की गई। प्रथम अपीलीय अधिकारी श्री सुरेश बेलिया ने दिनांक 03/05/2024 को लोक सूचना अधिकारी को आदेश दिए कि चाही गई जानकारी आवेदक को 10 दिन में प्रदान की जाएं। लेकिन लोक सूचना अधिकारी द्वारा जानकारी प्रदान नहीं की गई। जिसके बाद आवेदक ने दिनांक 13/08/2024 को मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग भोपाल में द्वितीय अपील प्रस्तुत कर जानकारी दिलाने और लोक सूचना अधिकारी पर शास्ति लगाने की मांग की गई। आवेदक के आवेदन पर 10 महीने बाद सुनवाई में डॉ उमाशंकर पचौरी राज्य सूचना आयुक्त ने आदेश पारित करते हुए 07 दिन में जानकारी प्रदान करने के आदेश दिए है।



आवेदक को जानकारी से रखा वंचित, जुर्माने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

आवेदक के आवेदन ए-4088/नर्मदापुरम/2024 पर डॉ उमाशंकर पचौरी मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त ने दिनांक 12/06/2025 पर सुनवाई करते हुए अपने आदेश जारी किया है। आयुक्त डॉ पचौरी ने आदेश में उल्लेख किया है कि लोक सूचना अधिकारी श्रीमती हेमेश्वरी पटले ने आवेदक के आवेदन पर विधि विरूद्ध तरीके से कार्यवाही करते हुए आवेदक को जानबूझकर जानकारी से वंचित रखने का कार्य किया गया है, और आवेदक को भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा दिनांक 03/05/2024 के आदेश की अवेहलना करते हुए आवेदक को जानकारी से जानबूझकर वंचित रखने का कार्य किया गया है। आयोग ने दिनांक 12/06/2025 को 07 दिन में जानकारी पंजीकृत डाक से प्रदान करने के आदेश लोक सूचना अधिकारी को दिए है साथ ही श्रीमती हेमेश्वरी पटले लोक सूचना अधिकारी नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम को अधिनियम की धारा 20 के तहत 25000/- रूपए के जुर्माने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिसका जबाव दिनांक 07/07/2025 को प्रस्तुत करने का लेख किया गया।



कारण बताओ नोटिस का जबाव देने के लिए आयोग ने दिया अंतिम अवसर

श्रीमती हेमेश्वरी पटले लोक सूचना अधिकारी नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम ने आयोग के पारित आदेश को भी नजरअंदाज कर आवेदक को जानकारी प्रदान नहीं की और ना ही अपना जबाव आयोग के समक्ष दिनांक 07/07/2025 को सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया। आयोग में दिनांक 07/07/2025 को सुनवाई के दौरान श्रीमती पटले ने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण अनुपस्थित रहने एवं अन्य तिथि दिए जाने का निवेदन डॉ वंदना गांधी मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त से किया गया। उक्त दिनांक पर डॉ वंदना गांधी ने लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी की अनुपस्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त की और आवेदक को पुन: 07 दिवस में सहीं जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश लोक सूचना अधिकारी को दिए गए साथ ही अधिनियम की धारा 20 के तहत जारी कारण बताओ सूचना पत्र का जबाव प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर प्रदान किया गया।



आदेश की अवहेलना कर जानकारी डाक से प्रेषित ना कर निकाय से प्राप्त करे

मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित आदेश दिनांक 12/06/2025 एवं दिनांक 07/07/2025 के पारित आदेश के बाद भी श्रीमती हेमेश्वरी पटले लोक सूचना अधिकारी एवं सीएमओ नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम ने आवेदक को जानकारी रजिस्टर्ड डाक से नहीं प्रेषित की। सीएमओ ने आवेदक को 10 दिन बाद दिनांक 18/07/2025 को पत्र भेजकर अवगत कराया कि उनके द्वारा पत्र क्रमांक 3235 की प्रति ई नगर पालिका प्रबंधन से उपलब्ध कराने हेतु लेख किया गया है पत्र प्राप्त होने के उपरांत आपको प्रमाणित प्रति उपलब्ध करा दी जावेगी एवं पत्र प्राप्ति के सात दिवस में निकाय में उपलब्ध जानकारी प्राप्त करें। ऐसे में जब आवेदक द्वारा चाहा गया पत्र क्रमांक 3235 कार्यालय में उपलब्ध नहीं है तो निकाय में बुलाने का क्या औचित्य है ? वहीं आयोग के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि चाही गई जानकारी रजिस्टर्ड डाक से प्रदान की जाएं तो डाक से जानकारी प्रदान क्यों नहीं की जा रही ? आखिर नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम कार्यालय द्वारा अपर आयुक्त ई नगर पालिका नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को जारी पत्र क्रमांक 3235 दिनांक 28/12/2021 की कार्यालयीन प्रति कहां गई ?



कल पढ़े : आरटीआई में देर से जानकारी प्रदान करने का खामियाजा भुगत रहा विभाग, राशि जमा करने के बाद भी नहीं दी जा रही जानकारी

Share News

NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash

खबर पर प्रतिक्रिया /कमेन्ट करने के लिए लॉगइन करे Login Page

नए यूजर जुडने के लिए डिटेल्स सबमिट करे New User's Submit Details

Our Facebook Page


POPULAR NEWS