Tuesday 10-02-2026

नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में राजस्व वसूली की जांच के नाम पर मचा घमासान

Posted By Vinod Kewat
  • Updated Saturday Jan 17 2026
  • / 144 Read

नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में राजस्व वसूली की जांच के नाम पर मचा घमासान

जांच दल के एक सदस्य ने पेश किया शपथ पत्र, कहा : नहीं की कोई जांच

नर्मदापुरम।

नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम कार्यालय में राजस्व वसूली की जांच को लेकर घमासान मचा हुआ है। राजस्व वसूली में करोड़ों रूपए के गबन के मामले की जांच को नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों ने लगातार दबाने का प्रयास किया। राजस्व वसूली के गबन का मामला प्रदेश स्तर पर छाया हुआ है जहां नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम द्वारा विधानसभा तक में झूठा जबाव पेश किया गया। लेकिन एक बार फिर वर्ष 2022 में राजस्व वसूली की जांच अब सुर्खियों में है। क्योंकि जांच दल के सदस्य ने विभाग को शपथ पत्र देकर लेख किया है कि उनके द्वारा कोई जांच नहीं की गई है। जांच दल के सदस्य द्वारा दिए गए शपथ पत्र ने जांच पर सवाल खड़े कर दिए है। वही मामला वित्तीय अनियमितता तक सीमित न रहकर मिलीभगत और दस्तावेजी हेराफेरी की ओर साफ इशारा करता है। सूत्रों की माने तो सीएमओ श्रीमती हेमेश्वरी पटले ने जांच दल के सदस्य को शपथ पत्र के संबंध में नोटिस जारी किया है। वही जांच दल सदस्य ने भी उक्त जांच रिपोर्ट (नोटशीट) की जानकारी अब सूचना के अधिकार में मांगी है।

यह है पूरा मामला

नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम कार्यालय के तत्कालीन सीएमओ विनोद कुमार शुक्ला ने राजस्व वसूली और जमा रसीदों की जांच के लिए दल गठित किया था। उनके द्वारा पत्र क्रमांक 1251 दिनांक 07.06.2022 जारी कर पांच सदस्यों की टीम गठित की थी जिसमें प्रशांत जैन, विनोद रावत, शेख अकबर, हरीश गोस्वामी और योगेश सोनी को शामिल किया गया था। उक्त दल ने जांच रिपोर्ट की नोटशीट में वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक जारी रसीद और जमा राशि का मिलान सही पाया जाने का लेख किया है। जांच के डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद जांच दल के एक सदस्य ने सीएमओ नर्मदापुरम, आयुक्त, संयुक्त संचालक नर्मदापुरम संभाग नगरीय प्रशासन एवं विकास सहित नगर पालिका अध्यक्ष को शपथ पत्र पेश किया है जिसमें उन्होंने उनके द्वारा कोई जांच नहीं करना बताया है। जिसके बाद जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शपथ पत्र में किया लेख

उक्त सदस्य ने दिनांक 28.05.2024 को शपथ पत्र पेश किया है जिसमें उन्होंने लेख किया है कि पत्र क्रमांक 1251 दिनांक 07.06.2022 को वित्तीय वर्ष 2015-16 से वित्तीय वर्ष 2021-22 तक जारी रसीदों का मिलान हेतु तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी नर्मदापुरम विनोद कुमार शुक्ला द्वारा आदेशित किया गया था। उक्त आदेश के संबंध में मेरे समक्ष कोई रसीद गड्डी और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और मेरे द्वारा किसी प्रकार की रसीदों का कोई परीक्षण या सत्यापन नहीं किया गया है।

गुमराह कर कराएं हस्ताक्षर

उक्त सदस्य द्वारा दिए गए शपथ पत्र में उन्होंने लिखा है कि समिति सदस्यों ने बिना किसी मिलान के कार्यालय आदेश पत्र पर संपत्ति जांच की रिपोर्ट तैयार कर ली और मुझे गुमराह कर मेरे हस्ताक्षर करा लिए थे जिसे उन्होंने तत्काल काट दिया था। साथ ही सदस्य ने शपथ पत्र में लेख किया कि उनके हस्ताक्षर वाली नोटशीट कोई प्रस्तुत करता है तो वह पूर्णतः गलत व फर्जी मानी जाए।

जांच के नाम पर किया गया ढकोसला

नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में राजस्व वसूली के लिए गठित जांच दल के उक्त सदस्य द्वारा दिए गए शपथ पत्र ने साफ कर दिया है कि ना तो कोई जांच हुई और ना ही दस्तावेज का सत्यापन किया गया। जो कि कोई चूक नहीं बल्कि जांच समिति सदस्यों और अधिकारियों की सुनियोजित साजिश के तहत करोड़ों रूपए के गबन के मामले को दबाने का प्रयास किया गया है। शहर की जनता से टैक्स के रूप में वसूली गई राशि जो क्षेत्र के विकास में उपयोग की जाना चाहिए थी उसका गबन हुआ है।

Share News

NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash NewsFlash

खबर पर प्रतिक्रिया /कमेन्ट करने के लिए लॉगइन करे Login Page

नए यूजर जुडने के लिए डिटेल्स सबमिट करे New User's Submit Details

Our Facebook Page


POPULAR NEWS