
नर्मदापुरम (विनोद केवट)
पत्रकारिता की आड़ में सरकारी तंत्र को साधने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले से पंजीकृत पाक्षिक अखबार श्री प्रभात टाइम्स पिछले पांच वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित नहीं हुआ, लेकिन इसके नाम पर विज्ञापन, आरटीआई और पत्राचार का सिलसिला जारी है। वर्ष 2020 से अखबार की प्रतियां जनसंपर्क विभाग में जमा नहीं कराई गईं, जबकि नियम के अनुसार प्रत्येक अंक की प्रति 48 घंटे के भीतर जमा करना अनिवार्य है। वहीं सरकारी विभागों से भी अखबार को विज्ञापन के भुगतान किए जा रहे है।
अखबार के संपादक संतराम निषरेले पर वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश शासन से विज्ञापन प्राप्त करने के लिए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करने का आरोप है। संतराम निषरेले ने कूटरचित नियमितता प्रमाण पत्र पेश किया था जिस पर तत्कालीन जनसंपर्क अधिकारी ने 3 अगस्त 2022 को जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल को कार्रवाई हेतु पत्र भेजा गया था। जिसके बाद से जनसंपर्क विभाग द्वारा श्री प्रभात टाईम्स अखबार को नियमितता प्रमाण पत्र जारी नहीं की गई।
वर्ष 2015 में आरएनआई से पंजीकृत इस श्री प्रभात टाईम्स से पंजीकृत अखबार के नाम पर नियम विरूद्ध कैलेंडर प्रकाशन और एसपीटी न्यूज डॉट काम नामक वेबसाइट संचालन की भी चर्चा में है, जिसका वैध पंजीकरण स्पष्ट नहीं है। साथ ही अखबार के लेटरपैड का उपयोग सरकारी विभागों में आरटीआई आवेदन और पत्राचार के लिए किया जाना पत्रकारिता की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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