नर्मदापुरम। महिला को फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अश्लील पोस्ट करने के मामले में नगर पालिका के सहायक अतिक्रमण प्रभारी (दैनिक वेतन भोगी) कर्मचारी सुनील राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इटारसी निवासी महिला की शिकायत पर देहात थाने नर्मदापुरम में 16 मई 2026 को जीरो में अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। घटनास्थल कोतवाली का होने के कारण देहात थाने से कोतवाली थाने डायरी भेजी गई। पीड़ित महिला की शिकायत पर साइबर सेल की जांच में आई पी एड्रेस के आधार पर सुनील राजपूत को नामजद किया गया है।
महिला की शिकायत पर तीन महीने तक चली जांच के बाद हुआ मामला दर्ज
इटारसी निवासी पीड़िता ने शिकायत की थी कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 फरवरी को नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। इस दौरान 14 फरवरी की सुबह 'सौरभ साहू' नाम की फेसबुक आईडी से उसके मैसेंजर पर आपत्तिजनक मैसेज और अश्लील फोटो भी भेजी गई। पीड़िता ने डिस्चार्ज होने से पहले ही 16 फरवरी को अस्पताल से सीधे साइबर सेल पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अप्रैल महीने में भी उसे दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आया जिस पर अश्लील बात की गई। तीन महीने तक चली लंबी जांच के बाद जब साइबर सेल ने संबंधित फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर खंगाला, तो वह शास्त्री वार्ड निवासी सुनील राजपूत के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर एफ आई आर में अज्ञात शब्द हटाकर सुनील राजपूत का नामजद किया है।
आईपी एड्रेस से मिला आरोपी का सुराग
पुलिस अधीक्षक साई एस कृष्ण थोटा ने बताया कि महिला की शिकायत प्राप्त होने पर मामला दर्ज किया गया था। साइबर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच की गई, जिसमें पाया गया कि आरोपी ने किसी रैंडम नाम से फेसबुक आईडी बनाई थी। जांच के दौरान प्राप्त आईपी एड्रेस और तकनीकी जांच में एक्सेस यूजर में सुनील राजपूत की पहचान हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पूर्व में भी विवादों में रहा नाम
सुनील राजपूत का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े एक मामले में नगर पालिका परिषद होशंगाबाद ने सुनील राजपूत के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर काम पर से हटा दिया था, वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उसे पुनः दैनिक कर्मचारी के रूप में कार्य पर रख लिया गया और अतिक्रमण दस्ते में सहायक प्रभारी का दायित्व भी सौंप दिया गया।