नपा उपाध्यक्ष अभय वर्मा की शिकायत पर हुआ मामला दर्ज
नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में राजस्व वसूली से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित घोटाले में आखिरकार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कर ली है। नगर पालिका की राजस्व वसूली की रसीदों में हेराफेरी कर 77891654 रुपए की धोखाधड़ी कर शासकीय राशि का गबन करने के आरोप में नपा सहायक राजस्व निरीक्षक हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 और 408 के तहत मामला पंजीबद्ध कर कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर पालिका के राजस्व वसूली प्रकरण में लगभग 7.78 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर यह कार्रवाई हुई है, जिसे नर्मदापुरम जिले की सबसे बड़ी वित्तीय अनियमितताओं में से एक माना जा रहा है।
नपा उपाध्यक्ष की शिकायत पर हुई एफ आई आर
इस मामले में एफआईआर भारतीय जनता पार्टी के नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा द्वारा की गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। अभय वर्मा ने करीब एक वर्ष पूर्व पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर नगर पालिका के राजस्व वसूली की रसीदों और रिकॉर्ड में करोड़ों रुपए की अनियमितताओं की शिकायत की थी तथा दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी। लंबे समय चली जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने नपा एआरआई हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता के खिलाफ अपराध दर्ज कर विधिवत विवेचना शुरू कर दी है।
ऑडिट रिपोर्ट में दर्शाया गया करोड़ों का अंतर
नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में संपत्ति कर एवं अन्य राजस्व वसूली अभिलेखों में भारी अंतर सामने आया था। राजस्व वसूली और नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज राशि में करोड़ों रुपए का अंतर पाया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी कर शासकीय राशि का गबन करने संकेत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
उपदेश गौर ने उठाया था मामला
नगर पालिका के राजस्व शाखा के सहायक राजस्व निरीक्षक उपदेश गौर ने तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सी एम ओ) के मामला संज्ञान में लाया था। उन्होंने राजस्व वसूली में गंभीर अनियमितताओं और रसीदों में गड़बड़ी की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए जांच करने का आग्रह किया था। वर्षों तक जांच के नाम पर मामले को टालने का प्रयास किया जाता रहा और किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है।
नर्मदा पथ समाचार पत्र में सबसे पहले किया था प्रकाशित
नगर पालिका के इस कथित करोड़ों रुपए के राजस्व घोटाले को सबसे पहले नर्मदा पथ समाचार पत्र ने सबसे पहले दिनांक 20 फरवरी 2024 को प्रकाशित किया था। नर्मदा पथ के संपादक विनोद केवट ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत नगर पालिका परिषद की ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त की थी। ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 के बीच राजस्व वसूली में लगभग 7.78 करोड़ रुपए की अनियमितताओं का उल्लेख सामने आया था। इसके बाद नर्मदा पथ ने लगातार दस्तावेजों के आधार पर इस मुद्दे को प्रकाशित किया, जिससे मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बना।
विधानसभा तक पहुंचा था मामला
नगर पालिका के राजस्व वसूली में करोड़ों रुपए के अंतर का मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा बल्कि मध्यप्रदेश विधानसभा तक भी पहुंचा। मंडला जिले की बिछिया विधानसभा से विधायक नारायण सिंह पट्टा ने जुलाई 2024 के मानसून सत्र में इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उन्होंने अतारांकित प्रश्न क्रमांक 4239 दिनांक 19 जुलाई 2024 के माध्यम से नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में हुई आर्थिक अनियमितताओं के संबंध में सरकार से जवाब मांगा था। हालांकि शासन की ओर से दिए गए उत्तर में इसे प्रक्रियात्मक त्रुटि बताकर दबाना चाहा। उत्तर का झूठा जवाब देने पर आपत्ति की गई जिस पर भी संचालनालय स्तर पर जांच दल गठित किया गया।
ईओडब्ल्यू सहित कलेक्टर से भी हुई थी शिकायत
नपा में राजस्व वसूली में करोड़ों के हुए घोटाले को लेकर विभिन्न स्तरों पर लगातार शिकायतें भी की जाती रहीं। नगर पालिका परिषद में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं नर्मदा पथ के संपादक विनोद केवट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) भोपाल को भी शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया था। राजेश अत्रे एल्डरमेन नपा नर्मदापुरम ने भी कलेक्टर नर्मदापुरम से राजस्व वसूली घोटाले की जांच कर कार्यवाही करने के लिए शिकायत की थी। भाजपा नेता नपा उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने एस पी को पिछले वर्ष शिकायत की थी जिस पर शुक्रवार की देर रात में थाना कोतवाली ने हरीश गोस्वामी और भुवन मेहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इन्होंने बताया
अभय वर्मा द्वारा वर्ष 2025 में एसपी को आवेदन किया गया था इससे पहले दीपेश गौर ने 2023 में नगर पालिका में आवेदन दिया गया था कि वर्ष 2019 से 2023 तक हरीश गोस्वामी और भुवन मेहता के द्वारा राजस्व वसूली की जो रसीदे आती है उसमें राशि बढ़ाकर दिखाई गई है उक्त पैसा राजस्व में जमा नहीं किया गया है। जिसके आधार पर मामला कायम किया गया है। वर्ष 2019 से वर्ष 2023 में जो रसीदें काटी गई है उसके संबंध में जांच के उपरांत मामला कायम हुआ है। मामला आईपीसी की धारा 420 , 408 में कायम किया गया है। आरोपी हरीश गोस्वामी और भुवन मेहता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है
गौरव सिंह बुंदेला
कोतवाली टी आई
दिनांक 20 फरवरी 2024 को नर्मदा पथ समाचार पत्र में प्रकाशित