Saturday 22-08-2026

नर्मदापुरम कार्यालय से खासा मोह ! 33 वर्षों से आरटीओ नर्मदापुरम में पदस्थ सुनील मुदगल का जून में हुआ ट्रांसफर, नहीं किया भारमुक्त

Posted By Vinod Kewat
  • Updated Saturday Aug 22 2026
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नर्मदापुरम कार्यालय से खासा मोह ! 33 वर्षों से आरटीओ नर्मदापुरम में पदस्थ सुनील मुदगल का जून में हुआ ट्रांसफर, नहीं किया भारमुक्त style="text-align: Justify; line-height: 1.5;"

33 साल की सेवा में सिर्फ एक बार ट्रांसफर, कुछ दिनों बाद वापिस मिला नर्मदापुरम

नर्मदापुरम। परिवहन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय नर्मदापुरम कार्यालय में लंबे समय से पदस्थ सुनील मुदगल उर्फ पप्पन के ट्रांसफर के बाद भी जमे हुए है। सुनील मुदगल का वर्ष 1993 में होशंगाबाद/ नर्मदापुरम जिले के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में कच्चे / दैनिक कर्मचारी के रूप में भर्ती हुए रहे हैं और वर्ष 2013 में विभाग में नियमित कर्मचारी हो गए। करीब 33 वर्षों की सेवा अवधि में उनका केवल एक बार ग्वालियर स्थानांतरण हुआ था, लेकिन कुछ ही समय बाद उनका दोबारा नर्मदापुरम कार्यालय में ट्रांसफर हो गया। जून 2026 में एक बार फिर परिवहन विभाग ने सुनील मुदगल का अन्य जिले में स्थानांतरण हुआ है, लेकिन ट्रांसफर ऑर्डर जारी होने के बावजूद उन्हें नर्मदापुरम कार्यालय से अब तक भारमुक्त नहीं किया गया है।  

लंबे समय के बाद ट्रांसफर होने के बाद भी भारमुक्त नही करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सामान्य तौर पर लंबे समय से एक ही कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों के अन्य जगह ट्रांसफर किए जाते हैं ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे । लेकिन परिवहन विभाग में एक मामला देखने में आया है जहां ट्रांसफर के बाद भी आर टी ओ ने सुनील मुद्गल को भारमुक्त नही किया है।

रिश्तेदार को भी आउटसोर्स पर रखवाया

सुनील मुदगल के लंबे समय से जमे होने के पीछे विभाग में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। विभाग में मजबूत पकड़ के चलते उन्होंने ग्वालियर निवासी अपने रिश्तेदार सुनील शर्मा को भी नर्मदापुरम आरटीओ कार्यालय में आउटसोर्स के माध्यम से सफाई कर्मचारी के रूप में लगवाया है। सूत्रों कि माने तो पूर्व में दैनिक वेतन पर सफाई कर्मचारी को हटाकर उनकी जगह अपने रिश्तेदार को कार्यालय में सफाई कर्मचारी में लगवाया गया है।

आरटीआई में मांगी ट्रांसफर की जानकारी

सुनील मुद्गल के ट्रांसफर मामले को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी जानकारी मांगी गई है। जानकारी के अनुसार 26 मई 2026 को सुनील मुदगल के ट्रांसफर ऑर्डर से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी आरटीआई के माध्यम से मांगी गई थी। श्री मुद्गल के ट्रांसफर का मामला प्रकाशित न हो और किसी को पता न चल सके इसलिए आवेदक को जानकारी नहीं दी गई। यदि किसी कर्मचारी का स्थानांतरण हुआ है तो उसके आदेश संबंधित रिकॉर्ड विभागीय दस्तावेजों में उपलब्ध होना चाहिए। ऐसे में संबंधित जानकारी आवेदक को क्यों नहीं दी गई।

स्वास्थ्य खराब होने के कारण ट्रांसफर के खिलाफ अपील का हवाला

सुनील मुदगल के भारमुक्त नहीं होने के संबंध में नर्मदापुरम आरटीओ अधिकारी प्रमोद कापसे से फोन पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सुनील मुदगल के स्वास्थ्य खराब होने के कारण परिवहन आयुक्त के समक्ष स्थानांतरण के विरुद्ध अपील की गई है। इसी कारण उन्हें फिलहाल भारमुक्त नहीं किया गया है।

एक ही कार्यालय में पूरे सेवाकाल को लेकर उठ रहे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुनील मुदगल को नर्मदापुरम कार्यालय से इतना मोह क्यों है, जो अन्य स्थान पर जाना क्यों नहीं चाहते? यदि अपील के कारण आदेश पर रोक है तो उसका लिखित आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? फिलहाल सुनील मुदगल के स्थानांतरण, अपील, भारमुक्ति और लंबे समय से नर्मदापुरम कार्यालय में पदस्थ रहने का मामला चर्चा में है।

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