Thursday 01-10-2026

अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ होगी एफआईआर, कलेक्टर ने 4 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के दिए निर्देश

Posted By Vinod Kewat
  • Updated Thursday Oct 01 2026
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अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ होगी एफआईआर, कलेक्टर ने 4 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के दिए निर्देश style="text-align: Justify; line-height: 1.5;"

हरदा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने नियम विरुद्ध कॉलोनी विकसित कर कृषि भूमि के छोटे-छोटे भूखण्ड विक्रय करने के चार मामलों में संबंधित अनावेदकों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनधिकृत कॉलोनी विकास एवं निर्माण कार्य हटाने की कार्यवाही के लिए संबंधित तहसीलदारों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर सक्षम प्राधिकारी से कॉलोनी विकास की अनुमति प्राप्त किए बिना कृषि भूमि का विभाजन कर छोटे-छोटे भूखण्ड विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय किए गए। संबंधित कॉलोनियों का पंजीयन नहीं कराया गया था, भूमि का रेरा पंजीयन भी नहीं था तथा टीएनसीपी से नक्शा अनुमोदित नहीं कराया गया था।

टिमरनी के मामले में 10 भूखण्डों का विक्रय

पहले प्रकरण में अनावेदक शारदा बाई पति सतीश यादव एवं अमन पिता सतीश यादव द्वारा टिमरनी के पटवारी हल्का क्रमांक 26 स्थित खसरा नंबर 130/1/1/1/1/1/1 की भूमि में छोटे-छोटे भूखण्ड विक्रय किए जाने की शिकायत की जांच में 10 भूखण्डों के विक्रय की जानकारी सामने आई। कलेक्टर ने तहसीलदार टिमरनी एवं सीएमओ टिमरनी को अनधिकृत विकास एवं निर्माण कार्य हटाने की कार्यवाही करने तथा संबंधितों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

हरदा में तीन मामलों में कार्रवाई के निर्देश

दूसरे प्रकरण में रामकृष्ण पिता शंकरलाल मोरछले द्वारा पटवारी हल्का क्रमांक 11 के खसरा नंबर 217/6/1 में 21 भूखण्ड विक्रय किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई। इसी प्रकार तीसरे प्रकरण में सफदर खान पिता मुजफ्फर खान द्वारा पटवारी हल्का क्रमांक 12 के खसरा नंबर 92/2 में 29 भूखण्ड तथा चौथे प्रकरण में फैसल खान पिता अब्दुल रज्जाक खान द्वारा पटवारी हल्का क्रमांक 10 के खसरा नंबर 216/3/1 में 15 भूखण्ड विक्रय किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई। 

इन तीनों मामलों में भी कॉलोनी विकास के लिए आवश्यक अनुमति, पंजीयन, रेरा पंजीयन एवं टीएनसीपी से नक्शा अनुमोदन नहीं कराया गया था। कलेक्टर ने तहसीलदार हरदा एवं सीएमओ हरदा को अनधिकृत विकास एवं निर्माण कार्य हटाने की कार्यवाही करने तथा संबंधितों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित भूमि पर सक्षम प्राधिकारी की विधिवत अनुमति के बिना नई कॉलोनी विकसित करने, भूखण्ड निर्माण, सड़क-नाली अथवा अन्य विकास कार्य करने तथा नए भूखण्डों के विक्रय की कार्रवाई नहीं की जाए। मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के नियम 22(4) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनधिकृत विकास एवं निर्माण कार्य हटाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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