
मेरी क्लीनिक में इलाज कराओ 50 हजार लगेंगे, 2 दिन में ऑपरेशन कर दूंगी शीर्षक से प्रकाशित हुई थी खबर
नर्मदापुरम। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नर्मदापुरम द्वारा एक आदेश जारी कर मेरी क्लीनिक में इलाज कराओ, 50 हजार लगेंगे, 2 दिन में ऑपरेशन कर दूंगी नामक शीर्षक से प्रकाशित खबर पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और दावे की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। सीएमएचओ नर्मदापुरम ने 23 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर सुनीता नागेश की अध्यक्षता में टीम गठित की है जिसमें दो सदस्य रविन्द्र गंगराडे और मंजू चौधरी को शामिल किया गया है। सीएमएचओ ने जारी आदेश में टीम को 7 दिन में जांच कर प्रतिवेदन पेश करने के लिए निर्देशित किया है।
जांच समिति में शामिल अधिकारी
डॉ. सुनीता नागेश, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, नर्मदापुरम — अध्यक्ष
डॉ. रविन्द्र गंगराडे, सर्जिकल विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम — सदस्य
डॉ. मंजू चौधरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय, इटारसी — सदस्य
प्रकाशित खबर के मुख्य अंश में सिविल सर्जन पर लगे आरोप
प्रकाशित समाचार में लेख किया गया था कि जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ सुनीता कामले (गायनिक) की सीएम हेल्पलाइन 181 पर रूपये मांगकर जल्दी आपरेशन करने की शिकायत हुई है। इनका अभी तक निराकरण भी नहीं हुआ। डॉ कामले पर आरोप है कि वे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को अपनी क्लीनिक पर बुलाती है और जल्द ऑपरेशन करने की बात कहती है। रूपये नहीं देने पर मरीजों के इलाज और ऑपरेशन टाले जाते है। वही खबर में सिविल सर्जन ने आरोप को निराधार बताए है।
स्वास्थ्य विभाग के इस कदम को चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और मानकों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वही जन चर्चा बनी हुई है कि डॉ सुनीता कामले को सस्पेंड नहीं किया गया है जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

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