Sunday 26-04-2026

नर्मदापुरम। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट नहीं पहनने से बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से 26 अप्रैल से हेलमेट अभियान की शुरुआत की जाएगी। नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा एवं एडिशनल एसपी अभिषेक राजन के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अभियान चलाया जाएगा।
बिना हेलमेट वाहन चलाने की प्रवृत्ति अधिक देखने को मिल रही है, जिससे दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामले चिंताजनक स्तर पर हैं। दुर्भाग्य से नर्मदापुरम जिले की इस मामले में स्थिति अच्छी नहीं है। दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर की चोट (Head Injury) मृत्यु का सबसे बड़ा कारण होती है, और हेलमेट न पहनना इस जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में सिर की चोट (हेड इंजरी) मौत का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की रिपोर्ट के मुताबिक, हर वर्ष हजारों लोग केवल हेलमेट न पहनने के कारण अपनी जान गंवाते हैं। कई वर्षों के आंकड़ों में यह पाया गया है कि दोपहिया वाहन की दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों में लगभग 80 प्रतिशत हेलमेट नहीं पहने हुए थे। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सही गुणवत्ता का हेलमेट पहनने से मृत्यु का खतरा लगभग 42% तक और गंभीर सिर की चोट का खतरा करीब 69% तक कम हो सकता है।
26 अप्रैल से 10 मई तक चलेगा अभियान
बिना हेलमेट चलने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी साथ ही बिना लाइसेंस चलने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी की जाएगी। लाइसेंस निलंबन की स्थिति में वाहन चलाने पर पुलिस की POS मशीन द्वारा बाद में चालानी कार्यवाही के समय लाइसेंस निलंबित बताएगा जिस पर पुलिस बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाने की कार्यवाही कर सकेगी साथ ही यदि वाहन स्वामी चालक से अन्य हो तो उसके विरुद्ध भी कार्यवाही कर सकेगी।
जन-जागरूकता पर भी जोर
अभियान के दौरान थाना स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में नर्मदापुरम पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों से 17 लाख रुपए से अधिक जुर्माना वसूला था। विगत वर्ष में प्रशासन के द्वारा जागरूकता अभियान और निःशुल्क हेलमेट वितरण किया गया था।
हेलमेट पहनना इसलिए जरूरी है क्योंकि सड़क दुर्घटना के समय सबसे अधिक खतरा सिर (Head) और मस्तिष्क (Brain) को होता है। सिर पर गंभीर चोट कई बार स्थायी विकलांगता या मृत्यु का कारण बन जाती है। हेलमेट इस जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
हेलमेट पहनने के लाभ
1. सिर की सुरक्षा – दुर्घटना में गिरने या टक्कर लगने पर हेलमेट सिर को चोट से बचाता है।
2. मृत्यु की संभावना कम करता है – शोध बताते हैं कि हेलमेट पहनने से सिर की घातक चोटों का खतरा काफी कम हो जाता है।
3. ब्रेन इंजरी से बचाव – मस्तिष्क पर सीधी चोट से कोमा, याददाश्त की समस्या या स्थायी नुकसान हो सकता है, हेलमेट इससे सुरक्षा देता है।
4. कानूनी अनिवार्यता – भारत में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना मोटर वाहन अधिनियम के तहत अनिवार्य है।
5. परिवार की सुरक्षा – आपकी सुरक्षा सिर्फ आपकी नहीं, आपके परिवार की भी जिम्मेदारी है। एक हेलमेट पूरे परिवार को दुख से बचा सकता है।
6. धूल, धूप और बारिश से बचाव – हेलमेट केवल दुर्घटना ही नहीं, बल्कि मौसम और सड़क की परिस्थितियों से भी सुरक्षा देता है।
पुलिस की अपील
नर्मदापुरम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएं और इस अभियान में सहयोग करें।
संदेश
"हेलमेट कोई बोझ नहीं, जीवन का सुरक्षा कवच है।"
"सिर है तो घर परिवार और संसार है, इसलिए हेलमेट पहनना हर बार है।"

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