Thursday 23-07-2026

विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने उठाया प्रश्न, मुख्यमंत्री ने बताया— एफआईआर दर्ज हुई है
आरोपी हरीश गोस्वामी की जमानत याचिका जिला न्यायालय से खारिज
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम नगर पालिका में करोड़ों रुपये की टैक्स वसूली के बाद राशि नगर पालिका के खाते में जमा नहीं होने का मामला अब एक बार फिर मध्यप्रदेश विधानसभा तक पहुंच गया है। मानसून सत्र के दौरान नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने नगर पालिका में वर्ष 2019-20 से 2022-23 के बीच हुए 7 करोड़ 59 लाख रुपये से अधिक के टैक्स गबन का मुद्दा तारांकित प्रश्न के माध्यम से सदन में उठाया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि मामले में शिकायत की जांच के दौरान धोखाधड़ी और राशि गबन के तथ्य पाए गए हैं तथा कोतवाली थाना नर्मदापुरम में अपराध क्रमांक 652/2026 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। यह मामला पहले से ही नर्मदापुरम जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब विधानसभा में मामला उठने और मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक जवाब दिए जाने के बाद यह प्रकरण अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
विधायक ने पूछा था यह सवाल
विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने अपने तारांकित प्रश्न क्रमांक 115 के माध्यम से सरकार से पूछा था कि अभय वर्मा निवासी नर्मदापुरम द्वारा दिनांक 19.09.2025 को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को नगर पालिका, नर्मदापुरम में 2019-20 से 2022-23 तक नगर पालिका में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा जनता से वसूले गये विभिन्न टैक्स की वसूली गई राशि के अंकेक्षण में आर्थिक अनियमितता पाए जाने के बाद भी केशबुक में उल्लेख न करने एवं नगर पालिका प्रशासन के खाते में 7 करोड़ 59 लाख 52 हजार 524 रुपये की राशि जमा न किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी? जांच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये और जांच से प्राप्त तथ्यों के आधार पर क्या कार्यवाही की गई?
मुख्यमंत्री ने सदन में दिया यह जवाब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में दिए गए उत्तर में बताया कि अभय वर्मा द्वारा 14 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को 7 करोड़ 78 लाख 91 हजार 654 रुपये की हेराफेरी संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायत की जांच अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), नर्मदापुरम द्वारा कराई गई। शिकायत आवेदन में धोखाधड़ी एवं राशि के गबन संबंधी तथ्य पाए गए। शिकायत आवेदन पर थाना कोतवाली नर्मदापुरम में अपराध क्रमांक 652/2026 धारा 420, 408 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
सरकार के उत्तर से स्पष्ट है कि शिकायत पर जांच के बाद आपराधिक मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस मामले में नगर पालिका नर्मदापुरम की राजस्व शाखा के सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) हरीश गोस्वामी तथा कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
टैक्स वसूली और जमा राशि में मिला बड़ा अंतर
वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 के बीच नगर पालिका नर्मदापुरम द्वारा संपत्ति कर, जलकर, समेकित कर तथा अन्य करों के रूप में नागरिकों से बड़ी मात्रा में राशि वसूली गई थी। वसूली गई पूरी राशि नगर पालिका के खाते में जमा नहीं हुई। जिसमे 7.78 करोड़ों रुपये की राशि का केशबुक में जमा नहीं कर गबन किया गया। पूरे मामले में आर्थिक अनियमितता का नगर पालिका की ऑडिट रिपोर्ट और जांच दल के जांच प्रतिवेदन में भी उल्लेख किया गया है।
आरोपी हरीश गोस्वामी को नहीं मिली जमानत
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मामले के आरोपी हरीश गोस्वामी ने अपनी गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए जिला न्यायालय नर्मदापुरम में जमानत याचिका क्रमांक BA/255/2026 प्रस्तुत की थी। मामले की सुनवाई के बाद 22 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
नगर पालिका से जुड़े इस कथित टैक्स गबन प्रकरण ने नर्मदापुरम जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधि मामले की निष्पक्ष एवं जांच की मांग के लिए भी पूर्व में ज्ञापन दे चुके हैं।

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